बिलासपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का पूरा श्रेय कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी राजनेश सिंह को जाता है। यह आयोजन सिर्फ एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि प्रशासनिक कौशल, बेहतर रणनीति और मजबूत इच्छाशक्ति का बेहतरीन उदाहरण बना।पीएम मोदी के प्रदेश आगमन से पहले कई अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन जिला प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था ने हर चुनौती को दरकिनार कर दिया। इतने बड़े स्तर के आयोजन को बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न कराना आसान नहीं था, मगर कलेक्टर अवनीश शरण ने हर विभाग से तालमेल बैठाकर इसे कुंभ आयोजन जैसी भव्यता और अनुशासन के साथ पूरा किया।सुरक्षा के मोर्चे पर एसपी राजनेश सिंह की अगुवाई में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। भारी भीड़ के बावजूद किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई। प्रशासन की यह तत्परता दर्शाती है कि किस तरह समन्वय, योजना और कड़ी निगरानी से बड़े आयोजनों को बेहतरीन तरीके से संचालित किया जा सकता है।हालांकि, जरूरत से ज्यादा भीड़ के कारण मामूली चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, लेकिन इसे किसी भी तरह सभा की सफलता पर हावी नहीं होने दिया गया। पीएम मोदी के आगमन से लेकर उनके मंच पर पहुंचने तक हर व्यवस्था चाक-चौबंद रही।जब पीएम मोदी मंच पर पहुंचे, तो कलेक्टर और एसपी ने उनकी अगवानी कर यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक तंत्र किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह भी दिखा दिया कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और रणनीतिक योजना मजबूत हो, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।


