रविवार को सेंदरी पहुंचकर जिला प्रशासन की टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों के ठिकानों पर की छापेमारी कार्यवाही करते हुए क्लीनिक किए सील।

जब से बिलासपुर जिले में डायरिया और मलेरिया ने अपना पांव पसारा है, तब से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते झोलाछाप डॉक्टर भी सक्रिय हो गए है। जिनके गलत उपचार के चलते जानें भी जा रही है। हालांकि देर से ही सही लेकिन जैसे ही जिला प्रशासन की आंखें खुली झोलाछाप डॉक्टरों का चिन्हांकन कर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने उन पर कार्यवाही करना शुरू कर दिया है।

कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर रविवार को सेंदरी पहुंची जिला प्रशासन की टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों के ठिकानों पर छापेमार कार्यवाही की। बता दें कि कलेक्टर के निर्देश पर बिलासपुर तहसीलदार की टीम ने सेंदरी स्थित झोलाछाप डॉक्टर जी बी साहू, डॉक्टर पलास कुमार रॉय और डॉक्टर जय भारद्वाज के ठिकानों पर दबिश दिया। जहां अपने ठिकाने से झोलाछाप डॉक्टर जी बी सिंह और डॉक्टर जय भारद्वाज भाग खड़े हुए जबकि डॉक्टर पलास कुमार रॉय अपने घर पर मौजूद थे। तहसीलदार अतुल वैष्णव ने झोलाछाप डॉक्टर से प्रेक्टिस के सम्बंध में दस्तावेज मांगे मौके से किसी तरह का कोई दस्तावेज झोलाछाप डॉक्टर से नही मिला।

इसके बाद तहसीलदार अतुल वैष्णव ने झोलाछाप डॉक्टर को दुबारा प्रेक्टिस नही करने की हिदायत देते हुए उनके घर पर चल रहे क्लिनिक को सील कर दिया गया। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग ने भी पूर्व में कोटा और रतनपुर में लगातार झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक पर कार्यवाही कर उनके ठिकानों को सील कर दिया है।जिस तरह से वर्तमान में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों पर गंभीरता दिखाया है उससे झोलाछाप डॉक्टरों में भी हड़कम्प मच गया है।

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