रेलवे अस्पताल के मार्ग में एक्सपायरी डेट की भारी मात्रा में दवाइयां फेंकी हुई पाई गई। यह दवाइयां कब और किसके द्वारा फेंकी गई इसकी जानकारी आसपास में किसी को नहीं है। इस तरह खुले में दवाइयां फेंके जाने किसी बड़े संक्रमण को निमंत्रण देना जैसा है। जो एक जांच का विषय है। जब इसकी जानकारी रेलवे अस्पताल प्रबंधन को लगी तो उन्होंने इसकी सूचना सबसे पहले औषधीय विभाग को दी, वही आरपीएफ को भी इसकी जानकारी दी गई। क्योंकि जिस जगह पर दवा फेका गया था वह रेलवे अस्पताल के ठीक बगल में है।



मोके पर पहुंचे औषधीय विभाग के निरीक्षक ने दवाओं को चेक किया, तब उन्हें जानकारी लगी कि सभी दवाओं का डेट निकल चुका है। जिसके बाद उन्होंने पंचनामा बनाकर दवाओं को इकट्ठा करा कर उसे डिस्पोजल करने को भेजा है। ऐसा माना जा रहा है कि निश्चित रूप से ऐसा कार्य आसपास क्षेत्र के दवा निर्माता या विक्रेता द्वारा ही किया गया होगा, जिस पर शासन प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। ताकि किसी बड़े जनहानि को रोका जा सके।





