रतनपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से झोलाछाप डॉक्टर के चंगुल में फंसकर गरीब मरीजों की जान जा रही है। 24 घंटे के अंतराल में दो लोग इसी वजह से अपनी जान गवा बैठे।

रतनपुर के नजदीकी ग्राम कल मीटर में एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद एक 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
रतनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नजदीकी ग्राम कलमीटार में यश मेडिकल स्टोर सत्यजीत गोलदार के द्वारा संचालित किया जाता है, इसी मेडिकल स्टोर की आड़ में उनके द्वारा बगल में क्लिनिक खोल लिया गया है, जहां ग्रामीणों का इलाज किया जाता है।

इसी झोलाछाप डाक्टर सत्यजीत गोलदार के पास गांव की एक 35 वर्षीय महिला रेखा बिंझवार इलाज के लिए पहुंची, उक्त महिला को उनके द्वारा दो इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद से उनकी स्थिति लगातार बिगड़ने लगी और सांस फूलने लगी, जिस पर उनके परिजनों द्वारा आनन फानन में किसी तरह उसे रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक लाया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। और रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरी परीक्षण के बाद उस महिला को मृत घोषित कर दिया गया और लाश को के पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।


मृतिका रेखा बिंझवार के पति लक्ष्मी बिंझवार के द्वारा मीडिया को बताया गया कि वह अपनी पत्नी को लेकर झोलाछाप डाक्टर सत्यजीत गोलदार के पास पहुंचा था जहां उनके द्वारा महिला को दो इंजेक्शन लगाया गया उसके बाद रात से महिला की हालत बिगड़ने लगी, जिसे रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया तब तक महिला की जान जा चुकी थी। इस बात की जानकारी मीडिया के द्वारा रतनपुर तहसीलदार आकाश गुप्ता, एस डी एम युगल किशोर उर्वसा तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव को दी गई तब उनके द्वारा मामले की जांच कर कड़ी कार्यवाही की बात कही गई है।


महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए। जब हालात और बिगड़ने लगी तो वे उसे सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाने लगे। अगर यही काम पहले किया होता तो आज महिला की मौत नहीं होती। तो वहीं आंचल में सक्रिय इस तरह के झोलाछाप डॉक्टर पर भी सख्त कार्यवाही की जरूरत है, नहीं तो इसी तरह भोले भाले ग्रामीण अपनी जान गंवाते रहें।



