Homeहमर बिलासपुरजर्जर हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने को अभिशप्त बिलासा गर्ल्स कॉलेज की...

जर्जर हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने को अभिशप्त बिलासा गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं, छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा।

बिलासा गर्ल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं जान जोखिम में देकर पढ़ाई कर रही है। यहां हॉस्टल और शौचालय की हालत बेहद दयनीय है, तो उन्हें दो वक्त का भोजन भी ठीक से नहीं मिल रहा।

कहते हैं बेटी पढ़ेगी, तभी बढ़ेगी, लेकिन बेटी कैसे पढ़ेगी, जब हालात ऐसे हो कि उसकी जान पर हमेशा खतरा मंडरा रहा हो। जी हां, हम बात कर रहे हैं बिलासपुर के बिलासा गर्ल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हॉस्टल की। यहां गर्ल्स छात्रावास क्रमांक एक में करीब 119 छात्राएं रहकर पढ़ाई कर रही है। यह पूरा भवन ही बेहद पुराना और जर्जर है। कहने को तो यहां 7 टॉयलेट है, लेकिन उनके हालात देखकर आप भी चौंक जाएंगे। जी हां, तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि किस तरह से बाथरूम के छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है। जरा कल्पना कीजिए कि अगर कोई छात्रा यहां गुसल के लिए पहुंचे और उसी वक्त छत का प्लास्टर सीधा उसके सर पर गिर जाए तो फिर उसकी क्या हालत होगी? लेकिन इसे लेकर संजीदगी की बजाय प्रबंधक छात्रों को खामोश करने में ही अपनी ताकत जाया कर रहे हैं।

जब जी न्यूज़ की टीम शिकायत मिलने के बाद तफ्तीश के लिए पहुंची तो छात्राओं के हिमायती बनने की जगह हॉस्टल के पुरुष मैनेजर आर आर साहू मामले में लीपापोती करते नजर आए। उन्होंने तो पुरजोर कोशिश की, कि छात्राएं अपना मुंह सी ले लेकिन लगातार अव्यवस्थाओं से दो-चार हो रही छात्राओं के भीतर का गुबार आखिरकार फट ही गया, जिन्होंने बताया कि शौचालय और बाथरूम में गंदगी ऐसी कि पैर रखने की थी इच्छा नहीं होती। इतना ही नहीं बरसात के इस मौसम में लगातार छत का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है, जिस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

केवल बाथरूम और टॉयलेट ही क्यों, हालत तो पूरे हॉस्टल के ऐसे ही है। कार्यालय भी अलग नहीं है। पुराने जर्जर भवन की मरम्मत न होने से हर वक्त खतरा मंडरा रहा है। और प्रबंधक सफाई दे रहे हैं कि उन्होंने कई मर्तबा इसकी शिकायत ऊपर तक की है , लेकिन कुछ नहीं हुआ।

तकलीफ सिर्फ इतनी ही होती तो कोई बात थी, लेकिन यहां तो तकलीफ हर तरफ है। होस्टल में छात्राओं को दोयम दर्जे का भोजन मिल रहा है। कभी-कभी तो चावल में कीड़े तक निकल आते हैं। भोजन में स्वाद भी होता है, यह छात्राएं कब का भूल चुकी है, अब ऐसा बेस्वाद और दूषित खाना खाकर और खतरे में रहकर भला उनकी पढ़ाई कैसे हो।

बिलासपुर के प्रतिष्ठित बिलासा स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय के हॉस्टल का यह हाल हैरान करता है। वह भी तब सरकार स्त्री शिक्षा पर जोर देती हो और खुद को इसकी हिमायती बताती हो। हकीकत में ऐसा दिखाई तो नहीं पड़ रहा। अगर जल्द ही यहां की मरम्मत न हुई तो फिर किसी दिन कोई छात्रा बाथरूम से लहूलुहान होकर निकलेगी, तब फिर इसका जिम्मेदार भला कौन होगा? अभिभावक बड़ी उम्मीद से अपनी बेटियों को यहां पढ़ने भेजते हैं। सोचिए भला उनके दिल पर क्या गुजरती होगी, जब वे देखते हैं कि उनकी बेटियां ऐसी दोयम जिंदगी गुजार रही है। तो फिर भला उनके गले से भी निवाला कैसे उतरता होगा। उन्हें भी अपने घर के बिस्तर पर नींद भला कैसे आती होगी?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments