चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए नए कॉलेज खोलने आवेदन उन्हीं महाविद्यालयों द्वारा किया गया है, जहां पहले से ही दो वर्षीय बीएड कोर्स संचालित हैं। यहां बारहवीं के बाद छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। बीएससी-बीएड में विज्ञान और गणित संकाय के छात्र दाखिला ले सकेंगे। इसी तरह से बीकॉम बीएड में कॉमर्स संकाय के छात्र दाखिला लेंगे। बीए-बीएड में कला संकाय के साथ ही अन्य संकाय के छात्राओं को भी प्रवेश दिया जाएगा। अनुमति के लिए आवेदन करने वाले निजी महाविद्यालयों के अतिरिक्त पं. रविशंकर शुक्ल विवि में भी मौजूदा शैक्षणिक सत्र से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है।



गौरतलब हैं कि प्रदेश में बीएड के 135 महाविद्यालय हैं। इनमें मात्र चार ही शासकीय हैं जो रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और कांकेर में स्थित है। वर्तमान में बीएड की प्रदेश में 14 हजार 600 सीटें हैं। यहां दो वर्षीय तरह से बीएड के साथ डीएलएड का संचालन हो रहा है। प्राइवेट बीएड कॉलेज एसोसिएशन के अनुसार, जिन नए महाविद्यालयों ने अनुमति मान्यता के लिए आवेदन किया है, वहां शुरुआत में 100-100 सीटे मिलने की उम्मीद है। शासन स्तर पर मौजूदा एनओसी मिलने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक परिषद द्वारा कॉलेजों को संबद्धता प्रदान की जाएगी। सत्र 2024-25 से ही इसकी शुरुआत होने की उम्मीद है।





