रेशम विभाग की योजनाएं ग्रामीण आय में ला रही बढ़ोतरी जिले में टसर रेशम उत्पादन और पौधरोपण का कार्य जारी

जिले में टसर रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रेशम विभाग द्वारा सतत रूप से कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 290 हेक्टेयर क्षेत्र में टसर पौधरोपण उपलब्ध है, जहाँ हितग्राहियों द्वारा कृमिपालन का कार्य सक्रिय रूप से किया जा रहा है। वर्ष 2016-17 से अब तक कुल 130 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में टसर पौधरोपण कराया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आय सृजन के नए अवसर प्रदान कर रहा है।वर्ष 2024-25 में 421 हितग्राहियों द्वारा लगभग 40 लाख कोसा फल का उत्पादन किया गया, जिससे प्रति हितग्राही औसतन 28 हजार 550 रूपए की आय प्राप्त हुई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि टसर उत्पादन ग्रामीणों के लिए सशक्त आजीविका का साधन बन रहा है। विभाग में वर्तमान में कुल स्वीकृत 46 पदों में से 21 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। नवीन भर्ती की प्रक्रिया शासन स्तर पर प्रगति पर है, जिससे विभागीय कार्यों में और अधिक गति लाई जा सकेगी। रेशम विभाग द्वारा पौधरोपण, कृमिपालन प्रशिक्षण, विपणन सुविधा और हितग्राही सहायता हेतु निरंतर योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। विभाग की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार को भी सशक्त बना रही है।

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