जम्मू कश्मीर में आयोजित अंतरराज्यीय वेट लिफ्टिंग में स्वर्ण पदक हासिल करके प्रकाश कुमार राव ने बिलासपुर को गौरान्वित कर अपने परिवार और एसईसीआर का नाम रोशन किया है। गौरतलब हो कि बिलासपुर निवासी प्रकाश कुमार राव का बास्केट बॉल के जरिये स्पोर्ट्स कोटे से उन्हें एसईसीआर बिलासपुर में टीटीई की नौकरी मिली। प्रकाश राव टीटीई आज किसी नाम का मोहताज नही है। इन्होंने बास्केट बॉल एवं वेटलिफ्टिंग के दौरान बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया है। ये भारत बास्केट बॉल के पहले कप्तान भी रह चुके हैं। हालांकि कोरोना काल के दौरान ये नौकरी तो किये लेकिन बास्केट बॉल प्रतियोगिता का आयोजन नहीं होने से इनके खेल जीवन पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा।


इसके बाद इन्होंने अपने रेलवे कर्मचारियों एवं परिवार और दोस्तो के कहने पर वेट लिफ्टिंग की शुरुआत की। वेट लिफ्टिंग में प्रकाश राव इस कदर उभरे की उन्होंने जम्मू कश्मीर में आयोजित अंतरराज्यीय वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जहां आंध्रप्रदेश और तेलंगाना को शिकस्त देते हुए फाइनल में स्वर्ण पदक जीता।प्रकाश राव के इस जीत से ना केवल बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम देशभर में गौरान्वित हुआ बल्कि एसईसीआर बिलासपुर एवं प्रकाश राव के परिवार और दोस्तों का नाम भी रोशन हुआ। हालांकि प्रकाश राव ने इसका श्रेय अपने एसईसीआर और बिलासपुर मण्डल के अधिकारी एवं इंस्टिट्यूट के पदाधिकारियों और अपने रेलकर्मी मित्रो को दिया।





