भीषण गर्मी की शुरुआत हो गयी है लेकिन सिम्स के अधिकांश वार्डों में अबतक कूलर और एसी की व्यवस्था नही हो सकी है। आलम ये है कि लेबर ओटी से लेकर अन्य सामान्य वार्डों में भर्ती मरीज गर्मी से हलाकान है। वार्डों में कूलर की व्यवस्था कर पाने में नाकाम सिम्स प्रबंधन अपने डॉक्टरों के दफ्तरों में लगे एसी की मरम्मत कार्य जरूर करवा रहे है। इससे सिम्स आने वाले और भर्ती मरीजों और उनके परिजन सिम्स प्रबंधन के इस रवैये से खासा नाराज नजर आ रहे हैं।

हर साल गर्मी आते ही सिम्स में भर्ती मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए पंखों के साथ ही कूलर और एसी लगाया जाता है। लेकिन इस साल एक-दो वार्ड को छोड़ दिया जाए तो ऐसा कुछ भी व्यवस्था नजर नहीं आ रहा है जहां मरीजों को गर्मी से राहत मिल रहा हो। अभी तक वार्डों में कूलर तक नहीं लगाया जा सका है। सिम्स प्रबंधन के मुताबिक मौजूदा स्थिति में फिलहाल कूलर के मरम्मत का काम चल रहा है। इसके बाद वार्डों में कूलर लगाया जाएगा। इसी तरह विभिन्न वार्डों में लगे ज्यादातर एसी भी बंद पड़े हुए है। जिन्हें बनाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है, जबकि लगातार दिनों में तापमान बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कमरे में बिना पंखा, कूलर और एसी के रहने से मरीज गर्मी से बेचैन हो रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान और भी बढ़ेगा और गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाएगी। साफ है कि भीषण गर्मी से बचने के लिए उपाय करना जरूरी है, लेकिन इसके बावजूद सिम्स में गर्मी से राहत दिलाने के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं की जा रही है। इसका खामियाजा भीषण गर्मी के रूप में सिम्स में भर्ती मरीजों को झेलना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा खराब स्थिति मेल मेडिकल वार्ड तीन का है। यह वार्ड सिम्स का सबसे हाईटेक वार्ड है। इस वार्ड में 32 बेड है और बेड जरूरत पड़ने पर आईसीयू में तब्दील हो सकता है। जहां पर 18 एसी लगाए गए हैं, लेकिन सभी बंद पड़े हैं। इससे ही यह समझ आता है कि यहां भर्ती मरीज गर्मी से 24 घंटे बेचैन हो रहे है, लेकिन उन्हें इससे राहत दिलाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है। सिम्स के इस रवैये से नाराज यहां भर्ती मरीजों के परिजनों का सिम्स प्रबंधन पर जमकर गुस्सा फूट रहा है।



बहरहाल वैसे भी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की तबीयत कुछ ज्यादा ही खराब रहती है, ऐसे दशा में उन्हें गर्मी का सामना करना पड़े तो उनकी समस्या और भी बढ़ जाती है। मरीजों को भीषण गर्मी में बेचैनी महसूस होती है और गर्मी की वजह से तबीयत बिगड़ने की आशंका और भी बढ़ जाती है। संवेदनशील होने के बाद भी वार्डों में एसी, कूलर की व्यवस्था समय पर नहीं किया जा रहा है।इतना ही नही वार्डों में पंखे,कूलर और एसी की व्यवस्था कर पाने में नाकाम सिम्स प्रबंधन अपने डॉक्टरों और नर्सों के बैठक कक्ष में एसी की बंदोबस्त करने के साथ बिगड़े एसी के मरम्मत कार्य कराने में जुटा हैं।





