बिलासपुर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में विभिन्न समस्याओं के अलावा यहां मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की भारी कमी हो गयी है। आलम ये है कि मरीजों को आधे से अधिक दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही है। सिम्स की बदहाली सुधारने हाईकोर्ट लगातार शासन प्रशासन को फटकार लगा रहा है। कुछ दिनों तक शासन और प्रशासन स्तर पर सिम्स की मॉनिटरिंग की जाती है, उसके बाद अधिकारी भी ठंडे पड़ जाते है।इसलिए सिम्स की स्थिति भी जस की तस हो जाती है।



कोर्ट के फटकार का ही नतीजा है कि सिम्स की सूरत जरूर सुधर गयी, लेकिन प्रशासनिक अफसरों के देख रेख के आभाव में सिम्स की सीरत अब भी नही सुधरी है। कोर्ट के फरमान के बावजूद अफसर सिम्स की सीरत सुधारने जरा भी प्रयास नही कर रहे है।सिम्स में दवाइयों की कमी की समस्या वर्षों से बनी हुई है। जो आजतक नही सुधर सकी। इतना ही नही प्रशासनिक अफसर भी इसकी सुध नही ले रहे है। आलम ये है कि सिम्स आने वाले मरीजों को आधे से ज्यादा दवाइयों की खरीदी करने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।






