इन दिनों जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र देवी सुभद्रा और सुदर्शन महाराज बीमार है, जिनका उपचार किया जा रहा है। बुधवार को सेवक मदन मोहन ने इसकी सूचना राजा तक पहुंचाई। भगवान जगन्नाथ की लीला भी अपरंपार है। स्नान पूर्णिमा पर 108 कलश जल से स्नान करने के बाद भगवान जगन्नाथ के साथ दाऊ बलभद्र, बहन सुभद्रा और सुदर्शन चक्र बीमार पड़ गए, इसलिए इन दिनों मंदिर में वे भक्तों को दर्शन भी नहीं दे रहे। उनका उपचार आयुर्वेद पद्धति से पुजारी कर रहे हैं। द्वादशी पर जगन्नाथ मंदिर में मदन मोहन की प्रतिष्ठा की गई, जो महाराज के पास यह सूचना देने पहुंचे कि उपचार से अब भगवान धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं और 6 जुलाई तक वे पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। 6 जुलाई को भगवान जगन्नाथ के स्वस्थ होने पर मंदिर में नवजोबन उत्सव मनाया जाएगा। नेत्र उत्सव के साथ ही भगवान जगन्नाथ एक बार फिर से भक्तों के समक्ष होंगे, जहां विधि विधान के साथ उनकी पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद अगले ही दिन भगवान रथ पर सवार होकर अपने भाई-बहन के साथ मौसी गुंडीचा के मंदिर जाएंगे। यही रथ यात्रा है, इसके लिए बिलासपुर रेलवे क्षेत्र स्थित जगन्नाथ मंदिर में रथ का रंग रोगन कर लिया गया है और यह काम अगले एक-दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।



इस वर्ष रथ यात्रा पर छेरा पहरा की रस्म प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव निभाएंगे। श्री श्री जगन्नाथ सेवा समिति द्वारा विगत 28 वर्षों से रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस बार भी यह रथ यात्रा जगन्नाथ मंदिर से निकलकर तितली चौक, रेलवे स्टेशन, बड़ा गिरजा चौक, तार बाहर, शिव टॉकीज, गांधी चौक होते हुए वापस गुंडिचा मंदिर पहुंचेगी। हजारों श्रद्धालु भगवान के रथ का पहिया खींचने इस अवसर पर जुटेंगे। 7 जुलाई रविवार सुबह से ही विविध अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे। भगवान को विशेष भोग चढ़ाया जाएगा। दोपहर 1:00 बजे छेरा पहरा के साथ दोपहर 2:00 बजे रथ यात्रा आरंभ होगी। इधर गुंडिचा मंदिर में रहने के दौरान मंदिर प्रांगण में हर दिन संध्या को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।





