
बिलासपुर– केंद्र सरकार ने हाल ही में जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए 12% और 28% टैक्स स्लैब को समाप्त कर दिया है। अब केवल 5% और 18% के स्लैब यथावत रखे गए हैं। इस फैसले का उद्देश्य महंगाई पर नियंत्रण और आम जनता को राहत देना है। सरकार का मानना है कि इससे रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कीमतों में गिरावट आएगी।
इसी मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दे रही है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रविवार को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने न्यू सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा किये सरकार यह सुधार आम जनता के हित में लेकर आई है, जिससे घर बनाने से लेकर घरेलू खर्चों तक में सीधी राहत मिलेगी। यह नई व्यवस्था 22 सितंबर से लागू होगी।अरुण साव ने कहा कि 2017 में जब जीएसटी लागू हुआ था, तभी से सुधार की प्रक्रिया जारी थी, जिसे अब मूर्त रूप दे दिया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकारा कि इस कदम से केंद्र और राज्य सरकारों को कुछ आर्थिक नुकसान होगा, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार है और इसकी भरपाई की जाएगी।छत्तीसगढ़ सरकार ने इस निर्णय पर संतोष जताते हुए कहा है कि यह देशवासियों के लिए दिवाली से पहले बड़ा तोहफा है।


