
विश्व मानक दिवस के अवसर पर मानक महोत्सव का आयोजन भारत सरकार द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लगभग 1200 उत्पादों को मानक चिह्न प्रदान कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह चिह्न उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाता है कि वह गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पाद प्राप्त कर रहे हैं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने BIS द्वारा स्थापित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और मानक-निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण तथा उपभोक्ता सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों की समीक्षा की। रायपुर शाखा के निदेशक एस. के. गुप्ता ने बताया कि BIS लगातार नए मानकों का विकास कर रहा है और मानक पोर्टल पर ऑनलाइन मॉड्यूल लॉन्च किए जा रहे हैं

ताकि उद्योग और उपभोक्ता दोनों को अधिक पारदर्शिता मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि सीआइपेट जैसे संस्थान युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दे रहे हैं और गुणवत्ता सलाहकार सेवाएं उद्योगों को उपलब्ध करा रहे हैं।मुख्यमंत्री साय ने माना कि मानकों का उचित पालन न केवल उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है। उन्होंने उद्योग जगत को आह्वान किया कि वे मानक चिह्न को अपनाकर उपभोक्ताओं का विश्वास जीतें और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में योगदान दें। BIS अधिनियम, 2016 के अंतर्गत यह प्रयास जारी रहेंगे ताकि मेक इन इंडिया पहल के साथ गुणवत्ता भी भारत की पहचान बने।


