
धर्म के नाम पर उपदेश देने वाला जब खुद मर्यादा की सीमाएं लांघ जाए तो आस्था भी आहत हो जाती है।तखतपुर में व्यासपीठ से अधर्म की वाणी निकली और फिर भड़क उठा समाज। सतनामी समाज के खिलाफ कथावाचक के आपत्तिजनक बयान ने पूरे क्षेत्र का माहौल गरमा दिया। तखतपुर के टिकरीपारा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा महापुराण में उस वक्त माहौल बिगड़ गया, जब व्यासपीठ पर बैठे कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज ने सतनामी समाज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। धर्मसभा में दिए गए इन शब्दों ने श्रद्धालुओं और समाज के बीच आक्रोश की आग भड़का दी।धार्मिक मंच से निकले इस विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो के फैलते ही सतनामी समाज के लोग आक्रोशित हो उठे और कथावाचक के खिलाफ तखतपुर थाने का घेराव कर दिया। भीड़ ने नारेबाजी करते हुए दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को बिगड़ते देख थाना परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की।सतनामी समाज के प्रतिनिधि बिहारी टोडर ने बताया कि आशुतोष चैतन्य ने कथा के दौरान अपशब्दों का प्रयोग किया, जो धार्मिक सौहार्द के खिलाफ है।उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यासपीठ से समाज को बांटने वाली बातें न करे। बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कथावाचक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।पुलिस का कहना है कि बयान की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।


