
शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाहि अलैह के 67वें सालाना उर्स का रंग इन दिनों चरम पर है। उर्स के दूसरे दिन शुक्रवार को बाबा सैय्यद इंसान शाह के विसाल की तारीख पर सुबह से ही दरगाह शरीफ में जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परंपरा अनुसार दोपहर 12:40 बजे मजारे पाक का गुस्ल किया गया। इसके बाद सलातो सलाम, शिजरा शरीफ और फातेहा अदा की गई।गुस्ल से पहले इंतेजामिया कमेटी की ओर से दरगाह के खादिमों, पंचायत प्रतिनिधियों और मुस्लिम जमात के पदाधिकारियों का साफा पहनाकर इस्तेकबाल किया गया।

जुमा की नमाज में भी बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए, जिसके लिए कमेटी ने विशेष इंतजाम किए थे।दोपहर बाद खम्हरिया स्थित नानी अम्मी साहिबा की दरगाह से शाही संदल का जुलूस निकला, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बिलासपुर की मशहूर राज बैंड पार्टी की सुमधुर धुनों पर जायरीन झूम उठे। पंचायत भवन से सरपंच चंद्रमणि मरावी के नेतृत्व में निकले संदल जुलूस में श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।

इंतेजामिया कमेटी के चेयरमैन इरशाद अली ने बताया कि शनिवार की रात लूतरा शरीफ सूफियाना कव्वाली से गूंजेगा। मुंबई के मशहूर कव्वाल मुज्तबा अजीज नाज़ा और राजस्थान के सूफी ब्रदर्स दिलशाद-इरशाद साबरी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, जिले के विधायक और कई गणमान्य उपस्थित रहेंगे। रविवार सुबह कुल की फातिहा के साथ उर्स का समापन किया जाएगा। पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए हैं।


