सारे नियम कायदों को ताक में रखकर रेलवे के विद्युत लोको शेड में ठेकेदारों की ओर से घरेलू गैस के जरिये ही वेल्डिंग जैसे कामकाज कराये जा रहे है। गौरतलब हो कि घरेलू गैस की शहर में इतनी ज्यादा खपत बढ़ गई है कि लोगों को घरेलू उपयोग के लिए आजकल सिलेंडर समय पर मिल नहीं पा रहे है। वहीं घरेलू सिलेंडर की हो रही कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम भी लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है फिर भी कई ऐसे लोग हैं जो चोरी छिपे घरेलू सिलेंडर का उपयोग कर अपना ठेकेदारी का काम चला रहे है।


इसी तरह का नजारा रेलवे स्टेशन पार एसईसीआर के विद्युत लोको शेड में देखने को मिला। जहां ठेका कर्मी कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग करने की बजाय घरेलू सिलेंडर का उपयोग कर वेल्डिंग करते हुए नजर आए। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी रेलवे के अफसरों को नहीं बावजूद वे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जो कि एक गंभीर विषय है।






